By: Satyaprakash Dwivedi
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ के खतरे के बीच आस्था का एक भावुक दृश्य सामने आया। रामघाट स्थित प्रसिद्ध बड़ा मठ मंदिर परिसर में बाढ़ का पानी भर गया और मंदिर का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया। इसके बावजूद मंदिर के पुजारी ने परिसर छोड़ने से इनकार कर दिया।
प्रशासन की ओर से पुजारी को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरुण कुमार सिंह ने भी हाथ जोड़कर उनसे मंदिर से बाहर निकलने का आग्रह किया। हालांकि, पुजारी अपनी बात पर अड़े रहे।
पुजारी ने भावुक होकर कहा, “भगवान को अकेला कैसे छोड़ दूं?” उनका यह भाव मंदिर और भगवान के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन अलर्ट पर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं, जलमग्न बड़ा मठ मंदिर परिसर और वहां मौजूद पुजारी की सुरक्षा पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
बाढ़ की चुनौती के बीच मंदिर में पुजारी का रुकना श्रद्धा और कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट भावना को दर्शाने वाला दृश्य बन गया है।
