IndoUS Tribune की “भारत के मंदिरों की यात्रा” — बिहार अध्याय
पाँचवाँ एवं अंतिम पड़ाव — बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर IndoUS Tribune की विशेष श्रृंखला “भारत के मंदिरों की यात्रा” के अंतर्गत बिहार अध्याय की हमारी आध्यात्मिक यात्रा अब अपने अंतिम और सर्वाधिक पवित्र पड़ाव पर पहुँच चुकी है। महाबोधि मंदिर (बोधगया), विष्णुपद मंदिर
IndoUS Tribune launches dedicated Temple Section
IndoUS Tribune has announced the launch of a dedicated Temple Section within its popular Dharam Karam section to highlight religious, spiritual and community activities across the region. The newspaper has invited temples and religious organizations to share their weekly program schedules, special events,
बाल्मीकि रामायण में छुपे कुछ विरले प्रसंग: विराध -एक राक्षस या रामभक्त गन्धर्व
By: Rajendra Kapil रामायण में ऐसी बहुत सी कथाएँ आती हैं, जहाँ राक्षसों का आतंक पूरे ज़ोर शोर पर नज़र आता है. क्या यह सभी राक्षस वाकई राक्षस थे, या किसी श्राप के कारण ऐसा जीवन जी रहे थे? इन कथाओं को गहराई
Rare episodes hidden in the Valmiki Ramayana: The birth and destruction of King Sagara’s sixty thousand sons
By: Rajendra Kapil The Valmiki Ramayana contains many fascinating and lesser-known episodes that offer profound lessons on duty, humility, and the consequences of arrogance. One such remarkable story is that of King Sagara and his sixty thousand sons, found in the Balakanda of
IndoUS Tribune की “भारत के मंदिरों की यात्रा” — बिहार अध्याय
चौथा पड़ाव — पातालेश्वर नाथ मंदिर, हाजीपुर IndoUS Tribune की विशेष श्रृंखला “भारत के मंदिरों की यात्रा” के अंतर्गत बिहार की हमारी आध्यात्मिक यात्रा अब चौथे पड़ाव पर पहुँच चुकी है। महाबोधि मंदिर (बोधगया), विष्णुपद मंदिर (गया) और विश्व के प्राचीनतम जीवित हिंदू
बाल्मीकि रामायण में छुपे कुछ विरले प्रसंग: सगर के साठ हज़ार पुत्रों की उत्पत्ति और विनाश
By: Rajendra Kapil रामजी के रघुकुल में, इश्वाकु और रघु वंश की परम्परा में, एक महान राजा हुए थे. जिनका नाम था, महाराज सगर. उनकी कथा वाल्मीकि रामायण के बालकाण्ड में मिलती है. उन्हें साठ हज़ार पुत्रों का आशीर्वाद मिला था. यहाँ हम
IndoUS Tribune की “भारत के मंदिरों की यात्रा” — बिहार अध्याय
तीसरा पड़ाव — मुंडेश्वरी देवी मंदिर, कैमूर IndoUS Tribune की विशेष श्रृंखला “भारत के मंदिरों की यात्रा” के अंतर्गत बिहार की हमारी आध्यात्मिक यात्रा अब एक ऐसे दिव्य और ऐतिहासिक तीर्थ तक पहुँच रही है, जिसे विश्व का सबसे प्राचीन जीवित हिंदू मंदिर
Rare episodes hidden in the Valmiki Ramayana: Did Ravana meet Sita in a previous birth?
By: Rajendra Kapil According to the Valmiki Ramayana, the answer to the above question is yes. This episode is not described in the Ramcharitmanas, but it is mentioned in detail in the seventeenth canto of the Uttara Kanda of the Valmiki Ramayana. In
IndoUS Tribune की “भारत के मंदिरों की यात्रा” — बिहार अध्याय
दूसरा पड़ाव — विष्णुपद मंदिर, गया IndoUS Tribune की विशेष श्रृंखला “भारत के मंदिरों की यात्रा” के अंतर्गत हम बिहार की पावन और ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं। महाबोधि मंदिर, बोधगया की दिव्य यात्रा के बाद अब हमारा दूसरा पड़ाव
बाल्मीकि रामायण में छुपे कुछ विरले प्रसंग: क्या रावण सीताजी को पूर्व जन्म में भी मिल चुका था?
By: Rajendra Kapil वाल्मीकि रामायण के अनुसार उपरोक्त प्रश्न का उत्तर है, हाँ. रामचरितमानस में इस प्रसंग का कोई विवरण नहीं है. लेकिन वाल्मीकि रामायण के उत्तर काण्ड के सत्रवहें सर्ग में इसका उल्लेख विस्तार से है. इस सर्ग में ऋषि अगस्त्य एक
IndoUS Tribune की “भारत के मंदिरों की यात्रा” — बिहार अध्याय
IndoUS Tribune की विशेष श्रृंखला “भारत के मंदिरों की यात्रा” के अंतर्गत हम आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और असम के दिव्य, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मंदिरों की सफल यात्रा पूर्ण कर चुके हैं। इन यात्राओं ने हमें भारत की सांस्कृतिक विविधता, प्राचीन परंपराओं और
Indore High Court declares Dhar Bhojshala a temple of Goddess Vagdevi, security tightened across city
The Indore bench of the Madhya Pradesh High Court on Thursday delivered a landmark judgment in the decades-old Bhojshala-Kamal Maula dispute in Dhar district, ruling that the religious character of the Bhojshala complex is that of a Hindu temple dedicated to Goddess Vagdevi
IndoUS Tribune : असम के मंदिरों की यात्रा — पाँचवाँ और अंतिम पड़ाव (नवग्रह मंदिर, गुवाहाटी)
ताम्रेश्वरी मंदिर की रहस्यमयी शक्ति और पुराने इतिहास को देखने के बाद IndoUS Tribune की असम यात्रा अब अपने पाँचवें और अंतिम पड़ाव पर पहुँचती है। सदिया के ताम्रेश्वरी मंदिर ने हमें असम की पुरानी परंपराओं, शक्ति पूजा और जनजातीय संस्कृति की झलक
Rare episodes hidden in the Valmiki Ramayana: Why did Hanuman Ji think of dying in Lanka?
By: Rajendra Kapil The greatest difference between the Ramcharitmanas and the Valmiki Ramayana is that the Valmiki Ramayana presents every event in remarkable detail. It explores the emotions of every character with extraordinary depth. Sage Valmiki examined each character closely and gave powerful
बाल्मीकि रामायण में छुपे कुछ विरले प्रसंग: लँका में हनुमान जी ने मरने के लिए, क्यों सोचा?
By: Rajendra Kapil रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण में जो सबसे बड़ा अंतर है, वह यह है कि, वाल्मीकि रामायण हर घटना को विस्तार से प्रस्तुत करती है. हर पात्र की भावनाओं को गहराई से कुरेदने की कोशिश करती है. ऋषि वाल्मीकि ने, हर
IndoUS Tribune : असम के मंदिरों की यात्रा — चौथा पड़ाव (ताम्रेश्वरी मंदिर, सादिया)
हाजो के पावन हयग्रीव माधव मंदिर की आध्यात्मिक अनुभूति और धार्मिक समरसता के संदेश को अपने हृदय में संजोए IndoUS Tribune की यह विशेष यात्रा अब असम के पूर्वोत्तर छोर की ओर बढ़ती है। पिछले पड़ाव पर जहाँ हमें हिंदू और बौद्ध आस्था
Why did Ravana never touch Sita? Was it patience — or the power of a curse?
By: Rajendra Kapil Born in the noble lineage of Sage Pulastya, the world-renowned Ravana was a mighty king of immense strength and great wisdom. In his youth, he performed deep devotion to Lord Shiva, as a result of which he obtained many divine
IndoUS Tribune : असम के मंदिरों की यात्रा — तीसरा पड़ाव (हयग्रीव माधव मंदिर, हाजो)
उमानंद मंदिर की शांत, अलौकिक और आध्यात्मिक अनुभूति के पश्चात IndoUS Tribune की यह पावन यात्रा अब अपने तीसरे पड़ाव की ओर अग्रसर होती है। ब्रह्मपुत्र नदी के मध्य स्थित शिवधाम ने जहाँ मन को स्थिरता, शांति और भक्ति का अद्भुत अनुभव कराया,
बाल्मीकि रामायण में छुपे कुछ विरले प्रसंग:
By: Rajendra Kapil रावण ने सीता को हाथ क्यों नहीं लगाया? क्या यह धैर्य था या किसी श्राप का बल? ऋषि पुलस्त्य कुल में जन्मा, जगत प्रतापी रावण, एक महा बलशाली एवं ज्ञानी राजा था. उसने अपने युवाकाल में भगवान शिव की अनन्य आराधना
IndoUS Tribune Yatra: असम के मंदिरों की यात्रा — दूसरा पड़ाव (उमानंद मंदिर, गुवाहाटी)
कामाख्या मंदिर की दिव्य अनुभूति के पश्चात IndoUS Tribune की यह आध्यात्मिक यात्रा अब अपने दूसरे पड़ाव की ओर अग्रसर होती है। कामाख्या शक्तिपीठ ने हमें जहाँ शक्ति और सृजन का गहन दर्शन कराया, वहीं अब हमारी यात्रा हमें भगवान शिव की पवित्र