आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा : अंतिम पड़ाव — सोमाराम (सोमेश्वर) मंदिर, भीमावरम
IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला की आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा आज अपने पंद्रहवें और अंतिम पड़ाव पर पहुँचती है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम से आरंभ हुई यह आध्यात्मिक यात्रा, आंध्र प्रदेश के विविध, प्राचीन और श्रद्धा से परिपूर्ण मंदिरों से गुजरते हुए
आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा चौदहवाँ पड़ाव – श्री वासवी कन्यका परमेश्वरी मंदिर, पेनुगोंडा (पश्चिम गोदावरी)
IndoUS Tribune की “Temples of Andhra Pradesh Yatra” में आपका एक बार फिर हार्दिक स्वागत है।अब जबकि हमारी यह आध्यात्मिक यात्रा अपने अंतिम चरण की ओर अग्रसर है, आज हम आपको ले चल रहे हैं आंध्र प्रदेश के एक ऐसे पवित्र तीर्थ स्थल
अतिथिदेवो भवः — भारतीय संस्कृति में अतिथि धर्म का सरल अर्थ
उपनिषद् का प्रसिद्ध वाक्य “अतिथिदेवो भवः” हमें यह सिखाता है कि अतिथि देवता के समान होता है। अतिथि की सेवा करना ईश्वर की पूजा के बराबर माना गया है। सूतजी के अनुसार अतिथि सत्कार से बड़ा कोई धर्म नहीं है और अतिथि से
आंध्र प्रदेश: 13वाँ पड़ाव – वोंटिमिट्टा कोदंदरमा मंदिर (कडपा)
IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला में आपका पुनः स्वागत है! आंध्र प्रदेश के मंदिरों की आध्यात्मिक यात्रा में, तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर (तिरुपति) के दर्शन के बाद अब हम पहुँचते हैं कडपा जिले के प्रसिद्ध वोंटिमिट्टा कोदंदरमा मंदिर। यह मंदिर 16वीं सदी
Gita study – as I understand it, chapter 18: the yoga of liberation and renunciation (part 2)
By: Rajendra Kapil The second part of the eighteenth chapter begins with a discussion on the knowledge of caste and duty prevalent in society. In common Indian society, there is a belief that caste is hereditary. That is, a person’s caste is determined
आंध्रप्रदेश: 12वाँ पड़ाव – लेपक्षी मंदिर (वीरभद्र मंदिर, अनंतपुर)
IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला में आपका पुनः स्वागत है! भारत के मंदिरों की इस आध्यात्मिक यात्रा के पहले 11 पड़ावों में हमने कई पवित्र स्थलों और उनकी अद्भुत कथाओं का दर्शन किया। अब हम पहुँच चुके हैं आंध्र प्रदेश के
गीता स्वाध्याय- मेरी समझ से, अठारहवाँ अध्याय- मोक्ष संन्यास योग (भाग 2)
By: Rajendra Kapil अठारहवें अध्याय का दूसरा भाग समाज में विद्यमान जाति धर्म ज्ञान से आरंभ होता है. भारत के आम समाज में यह धारणा है कि, जातिवाद वंशगत है. अर्थात् जो जिस वंश में पैदा हुआ है, उसकी जाति भी वही होगी. ब्राह्मण
आंध्र प्रदेश: ग्यारहवां पड़ाव – श्री कुर्मम मंदिर (Srikakulam)
IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला में आपका पुनः स्वागत है! हमारे पिछले पड़ावों में तिरुमला वेंकटेश्वर और श्रीकालहस्ती मंदिरों के दिव्य दर्शन कर आप आध्यात्मिक अनुभव से भर चुके हैं। अब हम आगे बढ़ रहे हैं आंध्र प्रदेश के श्रीकुर्मम मंदिर
Gita Swadhyay – My understanding, chapter 18: Moksha Sannyasa Yoga (Part 1)
Dear Readers, We have now reached the final chapter of the Bhagavad Gita, known as the Moksha Sannyasa Yoga. This chapter encapsulates the essence of the entire Gita, providing the fullest possibility of liberation (moksha). To aid comprehension, this chapter has been divided
Tulsi Pujan Diwas Honoring sacred basil, spirituality and nature every Christmas Day
While December 25 is celebrated globally as Christmas, many Hindus also observe Tulsi Pujan Diwas, a day devoted to worshipping the Tulsi plant, or holy basil, which is seen as a symbol of purity, protection, and spiritual well‑being. The observance became widely promoted
Veer Bal Diwas Honoring courage and sacrifice of Guru Gobind Singh’s sons
Veer Bal Diwas is observed every year on December 26 to honor the extraordinary bravery and martyrdom of the Sahibzadas, the sons of Guru Gobind Singh Ji, the tenth Sikh Guru. The day specifically commemorates the younger sons, Sahibzada Zorawar Singh and Sahibzada
गीता स्वाध्याय- मेरी समझ से, अठारहवाँ अध्याय- मोक्ष संन्यास योग (भाग१)
प्रिय पाठकों अब हम गीता के अंतिम अध्याय तक आ पहुँचे हैं. यह भगवद् गीता का अंतिम पड़ाव है. इस अध्याय को मोक्ष संन्यास योग भी कहा गया है. इसे समझने के बाद मोक्ष की पूरी पूरी सम्भावना बन जाएगी. यह भगवद् गीता
आंध्र प्रदेश: दसवाँ पड़ाव – श्री क्षेत्र द्वारका तिरुमला (चिन्ना तिरुपति), एलुरु
IndoUS Tribune की “आंध्र प्रदेश के मंदिर” श्रृंखला में आपका पुनः हार्दिक स्वागत है। इस विशेष यात्रा में अब हम अपने दसवें पड़ाव पर पहुँच चुके हैं—आंध्र प्रदेश के अत्यंत पूज्य और प्रसिद्ध श्री क्षेत्र द्वारका तिरुमला, जिसे श्रद्धा से “चिन्ना तिरुपति” कहा
आंध्र प्रदेश की आराधना यात्रा श्री अन्नावरम सत्यानारायण स्वामी मंदिर(पूर्वी गोदावरी)
IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला में आपका एक बार फिर स्वागत है। भारत की आध्यात्मिकऔर सांस्कृतिक धरोहर को पाठकों तक पहुँचाने की इस विशेष यात्रा में हम आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शनकर रहे हैं। इस यात्रा के नौवें पड़ाव
आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा – आठवाँ पड़ाव अमरालिंगेश्वर (अमरेश्वर) मंदिर, अमरावती
IndoUS Tribune की “आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा” श्रृंखला में आपका हार्दिक स्वागत है। इस पावन यात्रा के सात आध्यात्मिक पड़ावों को पूर्ण करने के बाद, आज हम आपको लेकर चल रहे हैं आठवेंपड़ाव पर — अमरालिंगेश्वर (अमरेश्वर) मंदिर, जो आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक
Bhagwat Gita as I know chapter seventeen: Shraddha traya yoga (the yoga of threefold faith)
This chapter begins with a question asked by Arjuna. Ye shastra-vidhim utsrijya yajante shraddhayanvitah |Tesham nishtha tu ka Krishna sattvam aho rajastamah || (1) Meaning:Arjuna said: O Krishna! Those who abandon the injunctions of the scriptures and worship with full faith—what is the
आंध्र प्रदेश यात्रा: सातवाँ पड़ाव – अमरा लिंगेश्वर मंदिर (अमरावती)
IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला में आपका पुनः स्वागत है! आंध्र प्रदेश के मंदिरों की हमारी आध्यात्मिक यात्रा अब सातवें पवित्र पड़ाव पर पहुँच चुकी है। पहले पड़ाव में हमने तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर (तिरुपति) के दिव्य दर्शन किए, और अब हम
गीता स्वाध्याय- मेरी समझ से, सत्रहवाँ अध्याय-श्रद्धात्रय योग
By: Rajendra Kapil इस अध्याय का आरम्भ अर्जुन के एक प्रश्न से होता है. ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः ।तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ॥ (१) भावार्थ: अर्जुन ने कहा – हे कृष्ण! जो मनुष्य शास्त्रों के विधान को त्यागकर पूर्ण श्रद्धा
Gita study – in my understanding chapter sixteen: divine and demoniac qualities
By: Rajendra Kapil In this world, we find two types of human beings. The first are those we call good or virtuous—people who embody purity, honesty, and moral discipline. Such individuals are respected as noble and righteous.The second group consists of those with
आंध्र प्रदेश यात्रा – छठा पड़ाव: महानंदीश्वर मंदिर (नांदयाल)
आंध्र प्रदेश के पवित्र मंदिरों की हमारी यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है। IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला में आपका स्वागत है — जहाँ हम आपको भारत की उन दिव्य धरोहरों से परिचित करा रहे हैं जो केवल आस्था ही नहीं,