King Parikshit and the Age of Kali: An Eternal Message on Dharma, Time, and Human Consciousness

King Parikshit and the Age of Kali: An Eternal Message on Dharma, Time, and Human Consciousness

In the Indian spiritual tradition, Puranic narratives are not merely religious stories; they serve as mirrors reflecting the profound psychological, moral, and social truths of human life. The story of King Parikshit belongs to this category. It teaches us that the preservation of

Read More
चौथा पड़ाव: नक्सा परवत मंदिर के खंडहर IndoUS Tribune की “मंदिरों की यात्रा” श्रृंखला का चौथा अध्याय

चौथा पड़ाव: नक्सा परवत मंदिर के खंडहर IndoUS Tribune की “मंदिरों की यात्रा” श्रृंखला का चौथा अध्याय

आंध्र प्रदेश के भव्य, प्राचीन और आस्था से परिपूर्ण मंदिरों की अत्यंत सफल और स्मरणीय यात्रा के उपरांत, IndoUS Tribune अब अपनी आध्यात्मिक खोज को भारत के सुदूर उत्तर-पूर्व की ओर विस्तार दे चुका है। दक्षिण भारत की दिव्य स्थापत्य परंपराओं और गहन

Read More
IndoUS Tribune की “Temples of Arunachal Yatra” का तीसरा पड़ाव: तारा तारिणी मंदिर

IndoUS Tribune की “Temples of Arunachal Yatra” का तीसरा पड़ाव: तारा तारिणी मंदिर

IndoUS Tribune की “Temples of Arunachal Yatra” का तीसरा पड़ाव हमें पूर्वोत्तर की सीमाओं से आगे भारत की शक्ति-परंपरा के एक और महान धाम तक ले आता है—ओडिशा के गंजाम जिले की कुमारी पहाड़ियों पर अवस्थित तारा तारिणी मंदिर। यह पावन शक्तिपीठ न

Read More
राजा परीक्षित और कलियुग: धर्म, समय और मानव चेतना का शाश्वत संदेश

राजा परीक्षित और कलियुग: धर्म, समय और मानव चेतना का शाश्वत संदेश

भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में पुराण कथाएँ केवल धार्मिक आख्यान नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के गहन मनोवैज्ञानिक, नैतिक और सामाजिक सत्य को प्रकट करने वाले दर्पण हैं। राजा परीक्षित की कथा इसी श्रेणी में आती है। यह कथा हमें बताती है कि धर्म

Read More
Simple and comprehensive meaning of the Hanuman Chalisa

Simple and comprehensive meaning of the Hanuman Chalisa

We all recite the Hanuman Chalisa. Since childhood, we have heard and spoken it, and many times it remains limited to mere memorization. But have we ever truly tried to understand what we are saying to Lord Hanuman, what we are asking for?

Read More
मालिनीथान मंदिर

मालिनीथान मंदिर

IndoUS Tribune की Temples of Arunachal Yatra का दूसरा पड़ाव हमें अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले के लिकाबाली क्षेत्र में सियांग पहाड़ियों की तलहटी पर स्थित मालिनीथान मंदिर के प्राचीन अवशेषों तक ले आता है—एक ऐसा पावन स्थल जहाँ इतिहास, पुरातत्व और

Read More
हनुमान चालीसा का सरल और व्यापक अर्थ

हनुमान चालीसा का सरल और व्यापक अर्थ

हम सभी हनुमान चालीसा पढ़ते हैं। बचपन से इसे सुनते और बोलते आए हैं, इसलिए कई बार यह केवल रटने तक सीमित रह जाती है। लेकिन क्या हमने कभी सच में समझने की कोशिश की है कि हम हनुमान जी से क्या कह

Read More
आंध्र से अरुणाचल तक: आस्था की निरंतर यात्रा: IndoUS Tribune की “मंदिरों की यात्रा” श्रृंखला का नया अध्याय

आंध्र से अरुणाचल तक: आस्था की निरंतर यात्रा: IndoUS Tribune की “मंदिरों की यात्रा” श्रृंखला का नया अध्याय

आंध्र प्रदेश के भव्य, प्राचीन और आस्था से परिपूर्ण मंदिरों की एक अत्यंत सफल, भावनात्मक और स्मरणीय यात्रा के समापन के पश्चात्, IndoUS Tribune अब अपनी आध्यात्मिक खोज को भारत के सुदूर उत्तर-पूर्व की ओर विस्तार दे रहा है। दक्षिण भारत की दिव्य

Read More
आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा : अंतिम पड़ाव — सोमाराम (सोमेश्वर) मंदिर, भीमावरम

आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा : अंतिम पड़ाव — सोमाराम (सोमेश्वर) मंदिर, भीमावरम

IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला की आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा आज अपने पंद्रहवें और अंतिम पड़ाव पर पहुँचती है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम से आरंभ हुई यह आध्यात्मिक यात्रा, आंध्र प्रदेश के विविध, प्राचीन और श्रद्धा से परिपूर्ण मंदिरों से गुजरते हुए

Read More
आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा चौदहवाँ पड़ाव – श्री वासवी कन्यका परमेश्वरी मंदिर, पेनुगोंडा (पश्चिम गोदावरी)

आंध्र प्रदेश मंदिर यात्रा चौदहवाँ पड़ाव – श्री वासवी कन्यका परमेश्वरी मंदिर, पेनुगोंडा (पश्चिम गोदावरी)

IndoUS Tribune की “Temples of Andhra Pradesh Yatra” में आपका एक बार फिर हार्दिक स्वागत है।अब जबकि हमारी यह आध्यात्मिक यात्रा अपने अंतिम चरण की ओर अग्रसर है, आज हम आपको ले चल रहे हैं आंध्र प्रदेश के एक ऐसे पवित्र तीर्थ स्थल

Read More
अतिथिदेवो भवः — भारतीय संस्कृति में अतिथि धर्म का सरल अर्थ

अतिथिदेवो भवः — भारतीय संस्कृति में अतिथि धर्म का सरल अर्थ

उपनिषद् का प्रसिद्ध वाक्य “अतिथिदेवो भवः” हमें यह सिखाता है कि अतिथि देवता के समान होता है। अतिथि की सेवा करना ईश्वर की पूजा के बराबर माना गया है। सूतजी के अनुसार अतिथि सत्कार से बड़ा कोई धर्म नहीं है और अतिथि से

Read More
आंध्र प्रदेश: 13वाँ पड़ाव – वोंटिमिट्टा कोदंदरमा मंदिर (कडपा)

आंध्र प्रदेश: 13वाँ पड़ाव – वोंटिमिट्टा कोदंदरमा मंदिर (कडपा)

IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला में आपका पुनः स्वागत है! आंध्र प्रदेश के मंदिरों की आध्यात्मिक यात्रा में, तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर (तिरुपति) के दर्शन के बाद अब हम पहुँचते हैं कडपा जिले के प्रसिद्ध वोंटिमिट्टा कोदंदरमा मंदिर। यह मंदिर 16वीं सदी

Read More
Gita study – as I understand it, chapter 18: the yoga of liberation and renunciation (part 2)

Gita study – as I understand it, chapter 18: the yoga of liberation and renunciation (part 2)

By: Rajendra Kapil The second part of the eighteenth chapter begins with a discussion on the knowledge of caste and duty prevalent in society. In common Indian society, there is a belief that caste is hereditary. That is, a person’s caste is determined

Read More
आंध्रप्रदेश: 12वाँ पड़ाव – लेपक्षी मंदिर (वीरभद्र मंदिर, अनंतपुर)

आंध्रप्रदेश: 12वाँ पड़ाव – लेपक्षी मंदिर (वीरभद्र मंदिर, अनंतपुर)

IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला में आपका पुनः स्वागत है! भारत के मंदिरों की इस आध्यात्मिक यात्रा के पहले 11 पड़ावों में हमने कई पवित्र स्थलों और उनकी अद्भुत कथाओं का दर्शन किया। अब हम पहुँच चुके हैं आंध्र प्रदेश के

Read More
गीता स्वाध्याय- मेरी समझ से, अठारहवाँ अध्याय- मोक्ष संन्यास योग (भाग 2)

गीता स्वाध्याय- मेरी समझ से, अठारहवाँ अध्याय- मोक्ष संन्यास योग (भाग 2)

By: Rajendra Kapil  अठारहवें अध्याय का दूसरा भाग समाज में विद्यमान जाति धर्म ज्ञान से आरंभ होता है.  भारत के आम समाज में यह धारणा है कि, जातिवाद वंशगत है. अर्थात् जो जिस वंश में पैदा हुआ है, उसकी जाति भी वही होगी. ब्राह्मण

Read More
आंध्र प्रदेश: ग्यारहवां पड़ाव – श्री कुर्मम मंदिर (Srikakulam)

आंध्र प्रदेश: ग्यारहवां पड़ाव – श्री कुर्मम मंदिर (Srikakulam)

IndoUS Tribune की “यात्रा और दर्शन” श्रृंखला में आपका पुनः स्वागत है! हमारे पिछले पड़ावों में तिरुमला वेंकटेश्वर और श्रीकालहस्ती मंदिरों के दिव्य दर्शन कर आप आध्यात्मिक अनुभव से भर चुके हैं। अब हम आगे बढ़ रहे हैं आंध्र प्रदेश के श्रीकुर्मम मंदिर

Read More
Gita Swadhyay – My understanding, chapter 18: Moksha Sannyasa Yoga (Part 1)

Gita Swadhyay – My understanding, chapter 18: Moksha Sannyasa Yoga (Part 1)

Dear Readers, We have now reached the final chapter of the Bhagavad Gita, known as the Moksha Sannyasa Yoga. This chapter encapsulates the essence of the entire Gita, providing the fullest possibility of liberation (moksha). To aid comprehension, this chapter has been divided

Read More
Tulsi Pujan Diwas Honoring sacred basil, spirituality and nature every Christmas Day

Tulsi Pujan Diwas Honoring sacred basil, spirituality and nature every Christmas Day

While December 25 is celebrated globally as Christmas, many Hindus also observe Tulsi Pujan Diwas, a day devoted to worshipping the Tulsi plant, or holy basil, which is seen as a symbol of purity, protection, and spiritual well‑being. The observance became widely promoted

Read More
Veer Bal Diwas Honoring courage and sacrifice of Guru Gobind Singh’s sons

Veer Bal Diwas Honoring courage and sacrifice of Guru Gobind Singh’s sons

Veer Bal Diwas is observed every year on December 26 to honor the extraordinary bravery and martyrdom of the Sahibzadas, the sons of Guru Gobind Singh Ji, the tenth Sikh Guru. The day specifically commemorates the younger sons, Sahibzada Zorawar Singh and Sahibzada

Read More
गीता स्वाध्याय- मेरी समझ से, अठारहवाँ अध्याय- मोक्ष संन्यास योग (भाग१)

गीता स्वाध्याय- मेरी समझ से, अठारहवाँ अध्याय- मोक्ष संन्यास योग (भाग१)

प्रिय पाठकों अब हम गीता के अंतिम अध्याय तक आ पहुँचे हैं. यह भगवद् गीता का अंतिम पड़ाव है. इस अध्याय को मोक्ष संन्यास योग भी कहा गया है. इसे समझने के बाद मोक्ष की पूरी पूरी सम्भावना बन जाएगी. यह भगवद् गीता

Read More